सहायक क्रिया – परिभाषा एवं उदाहरण

सहायक क्रिया हिन्दी व्याकरण और मुख्य क्रिया का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसलिए इस आर्टिकल में हम आपको  सहायक क्रिया के बारे में बताने जा रहे हैं क्योंकि सहायक क्रिया आपकी परीक्षा के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण क्रियाओं में से एक है। इसलिए इस क्रिया के बारे में आपको सम्पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। सहायक क्रिया से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी के लिए आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े।

सहायक क्रिया परिभाषा

वाक्य में प्रयोग होने वाली ऐसी क्रिया जिसका प्रयोग मुख्य क्रिया की सहायता के लिये किया जाता है, उसे सहायक क्रिया कहते हैं। सहायक क्रिया के द्वारा वाक्य के काल का पता चलता है की वाक्य में किस काल की बात कही जा रही है। अर्थात हम किसी भी सहायक क्रिया के द्वारा वाक्य के काल की पहचान कर सकते हैं।

जैसे :- है, रहे, रहे, हो, थे, था, रहा था, होगी, होगा इत्यादि।

सहायक क्रिया उदाहरण

  • बिट्टू सो रहा है।
  • अनुज चिल्ला रहा है।
  • वे जा रहे हैं।
  • वे खेल रहे हैं।
  • सोहन नाच रहा है।
  • वे सब भाग रहे है।
  • सोनू खेल रहा था।
  • मोहित गा रहा था।
  • राजेश गाना गायेगा।
  • तुम क्या कर रहे हो।
  • रितेश पढ़ाई कर रहा है।

ऊपर दिये गए इस वाक्य में सोना, खाना, नाचना, खेलना, पढ़ाई करना, चिल्लाना, जाना, भागना इत्यादि सभी मुख्य क्रियाएं हैं तथा है, रहे, रहे, हो, थे, था, रहा था, होगी, होगा इत्यादि सभी सहायक क्रियाएं हैं। यह सभी सहायक क्रियाएं मुख्य क्रियाओं के अर्थ को सपष्ट रूप से व्यक्त करती हैं।

सहायक क्रिया को कैसे पहचाने?

सामान्यतः सहायक क्रिया को पहचानने के लिए आपको दिए गए वाक्य में देखना होगा कि वाक्य में ऐसी कौन सी क्रिया है जो वाक्य को अर्थपूर्ण बनाने में मुख्य क्रिया की सहायता कर रही है। हिंदी व्याकरण में  सहायक क्रिया का उपयोग हमेशा मुख्य क्रिया के बाद में किया जाता है।

सहायक क्रिया को पहचाने

लड़के क्रिकेट खेल रहे हैं।

सहायक क्रिया – रहे हैं।

विकाश खाना खा रहा है।

सहायक क्रिया – रहा है।

राहुल कल मार्केट जाएगा।

सहायक क्रिया -जाएगा।

आज का मौसम कैसा रहेगा।

सहायक क्रिया – रहेगा।

आज अपने खाना खा लिया।

सहायक क्रिया – लिया।

वे सब कार्य कर रहे हैं।

सहायक क्रिया – रहे हैं।

हम सब लोगों को गरीब लोगों की मदद करनी चाहिए।

सहायक क्रिया – करनी चाहिये।

आज ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

सहायक क्रिया – संभावना है।

मोहन अपने घर जाना चाहता है।

सहायक क्रिया – चाहता है।

ऊपर दिए गए वाक्यो में से यदि सहायक क्रिया को हटा दिया जाए तो वाक्य का अर्थ बदल जायेगा और वाक्य अर्थपूर्ण नही रहेगा अतः वाक्य में सहायक क्रिया का प्रयोग बहुत महत्वपूर्ण होता है और यह वाक्य को अर्थपूर्ण बनाता है।

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